Tuesday, October 25, 2011

प्रश्न और उत्तर

प्रश्न में कौनसा उत्तर मिलता है भला? अभी तक प्रश्न पैदा करने को, शंका पैदा करने को ही विद्वता माना। केवल प्रश्न करके, शंका पैदा करके संतुष्ट रहना नहीं बनेगा – उत्तर को अपनाने से संतुष्ट रहना बनेगा। मानव को ही समझने का और उत्तर को स्वीकार करने का अधिकार है।

- श्री ए. नागराज के साथ संवाद पर आधारित (सितम्बर २०११, अमरकंटक)


AbhimanyuSingh said...

I think if the questions are for the aimed at getting clarity n knowing the reality then they are useful.

Rakesh Gupta said...

it is the "insincere questions" - which are unhelpful. After one has given due consideration to a proposal, if something still remains unclear, then we can say that question is sincere. Otherwise we keep asking questions without making any progress towards understanding.