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Tuesday, December 29, 2015

ज्ञानगोचर - इन्द्रियगोचर

"मध्यस्थ गुण, स्वभाव एवं धर्म ज्ञानगोचर है.  ज्ञानगोचर विधि से स्पष्ट होना ही साक्षात्कार है.  दूसरे शब्दों में वस्तुओं का सह-अस्तित्व में प्रयोजन स्पष्ट होना ही साक्षात्कार है.  रूप एवं सम-विषम गुण इन्द्रियगोचर हैं." - श्री ए नागराज
 

Tuesday, December 15, 2015

नित्य-अनित्य ज्ञान

"नित्य-अनित्य ज्ञान के बिना मानव में स्व-धर्म  निष्ठा नहीं पायी जाती है." - श्री ए नागराज

"Without the knowledge of permanence and impermanence, dedication to one's innate purpose is not found in human being." - Shree A. Nagraj