This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)
Wednesday, July 4, 2012
अपराध मुक्ति
ज्ञानी कहलाने वाले, अज्ञानी कहलाने वाले, विज्ञानी कहलाने वाले प्रकारांतर से आज अपराध के आरोप में फंसे हुए हैं।
- श्री ए नागराज के साथ संवाद पर आधारित (अगस्त 2006, अमरकंटक)
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