Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Monday, April 6, 2026

सुन्दर बात

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परमाणु में विकास और रचना में विकास - ये दोनों मिलकर के मानव परम्परा तक पहुंचे।  यह प्रतिपादन न हमको विज्ञान से मिलता है, न ईश्वरवाद से मिलता...
Thursday, April 2, 2026

मानवीयता - देव मानवीयता - दिव्य मानवीयता

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क्रियापूर्णता होने पर सतर्कता पूर्ण होता है, जो मानवीयता है.  अब क्रियापूर्णता तो है ही, सजगता के साथ आचरण पूर्णता की ओर चले.  सतर्कता पूर्ण...

उपदेश

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उपदेश है:  जाने हुए को मान लो, माने हुए को जान लो. उपदेश की परिभाषा है - उपाय सहित आदेश।   स्वयं का आदेश होने पर हम स्वयंस्फूर्त होते हैं.  ...
Wednesday, April 1, 2026

ऊर्जा, चेतना, ज्ञान

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  व्यापक वस्तु में प्रत्येक एक वस्तु अविभाज्य है.  प्रत्येक एक ऊर्जा संपन्न है, चेतना संपन्न है, ज्ञान संपन्न है.  व्यापक वस्तु रासायनिक भौत...
Monday, March 30, 2026

जो छूटना चाहता है, उसके लिए सीधा रास्ता बना है.

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अभी सरकार स्वयं शराब बनाने, कसाईखाने का लाइसेंस देती है.  वन काटने, खनिजों का दोहन करने के लिए विभाग ही बना है.  इस तरह अपराध परम्परा में सभ...
Saturday, March 28, 2026

कुछ कौतुहल वाले प्रश्न और उनके उत्तर

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प्रश्न: अस्तित्व में ज्यादा धरतियां समृद्ध हैं या कम धरतियां समृद्ध हैं? उत्तर: कम धरतियां समृद्ध हैं.   प्रश्न: कुछ धरतियाँ आवेशित स्थिति म...
Tuesday, March 24, 2026

भौतिक क्रिया के समृद्ध होने से आशय

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प्रश्न: आपने लिखा है, भौतिक क्रिया के समृद्ध होने के उपरान्त यौगिक क्रिया में प्रवृत्त हुआ.  भौतिक क्रिया के समृद्ध होने से क्या आशय है?   ...
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