Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Monday, February 9, 2026

आशा, विचार, इच्छा बोध के लिए स्त्रोत हैं

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  जीवन में बुद्धि और आत्मा कारण क्रियाएं हैं.  सूक्ष्म क्रियाओं के रूप में मन, वृत्ति और चित्त को बताया है.  स्थूल क्रिया के रूप में शरीर को...

चिंतन का अधिकार

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अनुभव मूलक विधि से चिंतन का अधिकार पाने के लिए आत्मसात करना पड़ता है.  recording सब सूचना है.  मैं जो सब लिखा हूँ - वह सब भी सूचना है.  प्रमा...

संयम काल

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 प्रश्न:  आपने बताया है - संयम काल में आपने कहीं-कहीं संस्कृत भाषा में लिखा हुआ भी देखा।  यह कैसे? उत्तर: संयम काल में घटना के रूप में देखा,...
Saturday, February 7, 2026

संयम काल में दृश्य

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  अनुभव में कल्पनाशीलता विलय होता है.  फिर अनुभव के आधार पर हमारी कल्पनाशीलता काम करना शुरू कर देता है.    प्रश्न:  आपने साधना पूर्वक समाधि ...
Saturday, December 13, 2025

अवधारणा‑बोध

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1. अवधारणा = जानना ‑ मानना ‑ पहचानना (यही बोध का प्रारूप है) “जान लिया, मान लिया तथा पहचान चुके हैं। यही अवधारणा है।” Page 22, समाधानात्मक ...
Wednesday, March 19, 2025

श्राप, ताप, और पाप से मुक्ति

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मनुष्य जब जागृति की ओर उन्मुख होता है, तो वह श्राप, ताप, और पाप तीनो से मुक्त हो जाता है।  जागृति की ओर उन्मुख होना = मानव लक्ष्य (समाधान, स...
Sunday, January 5, 2025

प्रतिफल, पारितोष, पुरस्कार

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अभी कुकर्मों के लिए पारितोष और पुरस्कार दिया जाता है.  मानव चेतना विधि से उपकार का पुरस्कार और पारितोष होता है.  उपकार का प्रतिफल नहीं होता....
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