Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Friday, August 21, 2026

आप्त-पुरुषों के विधिवत उपदेश

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  प्रश्न:  आपने अनुभव दर्शन में लिखा है - “क्लेश ही दासय्ता है.  यह अजागृति का प्रतीक है.  उससे मुक्ति ही स्वतंत्रता सहज लक्षण है.  दास्यता ...
Thursday, July 23, 2026

अध्ययन विधि से जागृति

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-अगस्त २००७, श्रद्धेय नागराज जी के साथ संवाद 
Sunday, June 14, 2026

मैं समझने वाला हूँ. समझने की वस्तु अस्तित्व है.

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  संयम में पहले मेरा स्वरूप समझ में आया.  मैं समझने वाला हूँ - यह आ गया.  मैं क्या चीज़ है? मैं एक परमाणु है, गठनपूर्ण है, इसमें इस इस प्रकार...
Saturday, June 13, 2026

प्रकाश, प्रतिबिम्बन

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  प्रतिबिम्बन में समय नहीं लगता।  ताप एक अलग चीज़ है.  प्रतिबिम्ब बिम्ब का होता है.  ताप गुण का है.  वस्तु में जो गुण फैला उसको हम ताप कह रहे...
Friday, June 12, 2026

वस्तु बोध

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  प्रश्न: वस्तु बोध क्या है - इसको उदाहरण के साथ समझाइये। उत्तर: हम शब्दों का उच्चारण करते हैं, भाषा का प्रयोग करते हैं, किताबों को पढ़ते हैं...
Wednesday, June 10, 2026

जीवन के स्वरूप को समझना

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  सामान्य रूप में हम शरीर को ही जीवन मान लेते हैं, जबकि ऐसा नहीं है.  परमाणु में विकास और विकास क्रम को समझा।  परमाणु में अंशों का घटना-बढ़ना...
Monday, April 13, 2026

जिम्मेदारी से सत्यापन

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“मैं समझा हूँ, जिया हूँ, प्रमाणित हूँ.  हर व्यक्ति समझ सकता है, जी सकता है, प्रमाणित हो सकता है.”  ऐसा मैंने कई जगह पर सत्यापन किया है.   सम...
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