This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)
Friday, May 13, 2016
जीवन मूल्य
"जीवन मूल्य के अर्थ में व्यवहार मूल्यों का प्रायोजित होना ही सफलता है. जीवन मूल्यों के अर्थ में समाज मूल्यों का आचरण, निर्वाह, संरक्षण, संवर्धन और प्रोत्साहन ही न्याय सुलभता है." - श्री ए नागराज
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