Wednesday, April 6, 2016

मनुष्य की मूल्यवत्ता

"मनुष्य में जो मूल्य दर्शन क्षमता है, वही मनुष्य को व्यवहार, उत्पादन, विचार एवं अनुभूति में, से, के लिए प्रेरित करती है.  मूल्य दर्शन क्रिया ही मनुष्य की मूल्यवत्ता है."  - श्री ए नागराज


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