Wednesday, March 9, 2016

श्रम विनिमय

"श्रम नियोजन - श्रम विनिमय पद्दति से व्यक्ति को अपनी सेवा व वस्तु को दूसरी सेवा व वस्तु में परिवर्तित करने की सुविधा होती है.  इस विधि में शोषण, वंचना, प्रवंचना, एवं स्तेय की संभावनाएं समाप्त हो जाती हैं.  जिससे अपराध की संभावनाएं भी समाप्त हो जाती हैं." - श्री ए नागराज 

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