This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)
Saturday, March 12, 2016
उत्पादित वस्तु का सदुपयोग
"शिष्ट मूल्य में उत्पादन मूल्य समर्पित होने के लिए बाध्य है, क्योंकि शिष्ट मूल्य के अभाव में उत्पादित वस्तु का संयमन एवं सदुपयोग सिद्ध नहीं होता। सामाजिक मूल्य के संयोग में ही उत्पादित वस्तु का सदुपयोग सिद्ध है." - श्री ए नागराज
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