Saturday, July 7, 2012

व्यवस्था को पहचानने का आधार





सामान्य बातें ही व्यवस्था को पहचानने का आधार है. असामान्य कुछ भी व्यवस्था को पहचानने का विधि नहीं है. व्यवस्था में जीने से परस्पर विश्वास होना स्वाभाविक हो जाता है.

- श्री ए नागराज के साथ संवाद पर आधारित (जनवरी २००७, अमरकंटक)

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