This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)
Saturday, July 7, 2012
व्यवस्था को पहचानने का आधार
सामान्य बातें ही व्यवस्था को पहचानने का आधार है. असामान्य कुछ भी व्यवस्था को पहचानने का विधि नहीं है. व्यवस्था में जीने से परस्पर विश्वास होना स्वाभाविक हो जाता है.
- श्री ए नागराज के साथ संवाद पर आधारित (जनवरी २००७, अमरकंटक)
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