Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Wednesday, March 15, 2023

संवेदना का अर्थ

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 संवेदना का परिभाषा है - पूर्णता के अर्थ में वेदना.    संवेदना की यह परिभाषा किस प्रकार चरितार्थ होगी?  आप सोचिये! भोगवाद संवेदनाओं को उन्मु...
Tuesday, December 20, 2022

जीवन में दृष्टा विधि का स्वरूप

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  प्रश्न: जीवन ही जीवन को कैसे देखता है? उत्तर: इसके लिए लिख कर दिया है - वृत्ति मन का दृष्टा होता है, मन वृत्ति में अनुभव करता है.  अपने से...
Monday, July 4, 2022

सत्ता और मध्यस्थ क्रिया

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सत्ता की प्रेरणा प्रकृति में मध्यस्थ क्रिया रूप में ही है.  परमाणु, अणु, वनस्पति संसार, जीव संसार में संतुलन इसी आधार पर है.  मानव के भी मध्...

सत्ता और ज्ञान

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सहअस्तित्व में मानव समाहित है.  सहअस्तित्व से चारों अवस्थाओं में संतुलन भी इंगित है, सत्ता में सम्पृक्त्ता भी इंगित है.  व्यव्हार रूप में चा...
Wednesday, May 11, 2022

विचार और तर्क

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विचार का एक छोटा सा भाग तर्क है.  स्वीकृति के लिए निष्कर्ष पर पहुँचने के लिए तर्क है.  निष्कर्ष को जीने में उतारने के लिए तर्क है. अभी हम वि...
Sunday, May 8, 2022

स्व-मूल्यांकन

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स्वयम पर विश्वास समझदारी से होता है.  विकसित चेतना (मानव चेतना, देव चेतना, दिव्य चेतना) समझदारी का स्वरूप है.  जीव चेतना समझदारी नहीं है.  व...
Wednesday, April 6, 2022

मानव-मानव में समानता की पहचान

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 मानव-मानव में समानता की पहचान के साथ ही उनका "साथ में रहना" प्रमाणित होता है.  समानता की पहचान अधूरा रहता है तो उनका "सहवास ...
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