Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Sunday, November 21, 2021

समझदार होने के प्रति ईमानदारी

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 समझदारी के प्रस्ताव को समझ के फिर जाँचना होता है.  बिना समझे जाँचने का कोई मतलब नहीं निकलता.  विगत की विचारधाराओं को जांचने से कुछ निकलेगा ...
Thursday, November 18, 2021

समझदारी या मजामारी

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अब दो ही रास्ते हैं आदमी के पास - समझदारी या मजामारी.  मजामारी में सभी अपराध वैध हैं.  समझदारी में वैध बात अलग है, अवैध बात अलग है.  जैसे - ...
Wednesday, November 17, 2021

सहअस्तित्व सूत्र अविभाज्यता ही है

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प्रत्येक एक की परस्परता में जो खाली स्थली है - वही व्यापक वस्तु है.  दो आदमी के बीच, दो झाड के बीच, दो जानवर के बीच, दो फलों के बीच, दो परमा...
Tuesday, November 16, 2021

क्रिया-प्रतिक्रिया और प्रभाव-परिपाक

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कोई भी क्रिया की प्रतिक्रिया में ह्रास होता है या विकास होता है.  जैसे - ठंडी होने की प्रतिक्रिया में हम कुछ करते हैं.  किसी के भाषा द्वारा ...

पूर्ण कला

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 प्रश्न:  आपने लिखा है - "सत्य निरूपण कला की 'पूर्ण कला' तथा इससे भिन्न कला की 'अपूर्ण कला' संज्ञा है."  निरूपण से...
Sunday, November 14, 2021

विश्वास

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विश्वास का क्रम है - पहले, आत्मविश्वास.  दूसरे, स्वयं में विश्वास.  तीसरे, संबंधों में विश्वास  आत्मविश्वास का मतलब है - अनुभव में विश्वास. ...
Monday, October 25, 2021

कान्ति - अनुभव प्रकाश

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कान्ति अनुभव प्रकाश ही है.  जीवन में अनुभव प्रकाश ही कान्ति स्वरूप में काम करता है.  अनुभव का प्रतिबिम्बन बुद्धि पर, बुद्धि से चित्त पर, चित...
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