Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Friday, September 11, 2020

ज्ञान विवेक विज्ञान

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ज्ञान है - जीवन ज्ञान, सहअस्तित्व दर्शन ज्ञान और मानवीयता पूर्ण आचरण ज्ञान.  इसका सूचना आपको हो गया है, इसके अध्ययन में हम चल ही रहे हैं.   ...
Tuesday, September 1, 2020

क्रिया, काल, वर्तमान

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प्रश्न: क्रिया के स्वरूप के बारे में समझाइये. उत्तर: क्रिया नित्य वर्तमान है.  सत्ता में संपृक्त जड़-चैतन्य प्रकृति ऊर्जा संपन्न, बल संपन्...
Thursday, August 27, 2020

अपव्यय और आसक्ति

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शरीर जड़ प्रकृति है, जीवन चैतन्य प्रकृति है.  जीवन में अक्षय बल और अक्षय शक्ति है.  अतः इच्छा की अपेक्षा में संवेदनशीलता क्रिया अल्प है.  संव...
Wednesday, January 22, 2020

आत्मा और ब्रह्म

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तुलन में न्याय-धर्म-सत्य आने पर साक्षात्कार होता ही है.  तुलन व साक्षात्कार होने पर बोध पूर्वक प्रमाणित करने का संकल्प होता है, फलस्वरूप ...

धैर्य और स्नेह का रास्ता

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मध्यस्थ दर्शन के अध्ययन विधि का रास्ता धैर्य और स्नेह का है - यह हड़बड़ी वाला रास्ता नहीं है, नाराजगी वाला रास्ता नहीं है, आलोचना वाला रास्ता...
Friday, January 17, 2020

संवेदनाओं का नियंत्रण-बिंदु न मिलने से मानव जाति का इतना भटकाव हुआ

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संवेदना = शब्द, स्पर्श, रूप, रस, गंध इन्द्रियों का क्रियाकलाप.  जीवन और शरीर का योग होने से संवेदना व्यक्त होता ही है.  आदिमानव में भी यह...

तीन भूत और तीन देवता

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छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री के साथ वार्ता में मैंने प्रस्ताव रखा - आप अभी शिक्षा में तीन भूत (लाभोन्मादी अर्थशास्त्र, कामोन्मादी मनोविज्ञान, भोगोन...
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