Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Wednesday, January 22, 2020

आत्मा और ब्रह्म

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तुलन में न्याय-धर्म-सत्य आने पर साक्षात्कार होता ही है.  तुलन व साक्षात्कार होने पर बोध पूर्वक प्रमाणित करने का संकल्प होता है, फलस्वरूप ...

धैर्य और स्नेह का रास्ता

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मध्यस्थ दर्शन के अध्ययन विधि का रास्ता धैर्य और स्नेह का है - यह हड़बड़ी वाला रास्ता नहीं है, नाराजगी वाला रास्ता नहीं है, आलोचना वाला रास्ता...
Friday, January 17, 2020

संवेदनाओं का नियंत्रण-बिंदु न मिलने से मानव जाति का इतना भटकाव हुआ

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संवेदना = शब्द, स्पर्श, रूप, रस, गंध इन्द्रियों का क्रियाकलाप.  जीवन और शरीर का योग होने से संवेदना व्यक्त होता ही है.  आदिमानव में भी यह...

तीन भूत और तीन देवता

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छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री के साथ वार्ता में मैंने प्रस्ताव रखा - आप अभी शिक्षा में तीन भूत (लाभोन्मादी अर्थशास्त्र, कामोन्मादी मनोविज्ञान, भोगोन...
Monday, January 13, 2020

परम्परा की समीक्षा हो, न कि व्यक्ति की शिकायत

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अपने मन में किसी भी तरह की शिकायत मत रखना.  शिकायत मुक्त होने पर ही हम पूरे हो पाते हैं - नहीं तो वह कहीं न कहीं प्रभाव डालता ही है.  जैसे ...

विश्लेषण के स्पष्ट अथवा सार रूप में मूल्य स्वीकृत होता है.

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प्रश्न:  आपने कर्म दर्शन में लिखा है - "विश्लेषण के स्पष्ट अथवा सार रूप में मूल्य स्वीकृत होता है."  इसको और स्पष्ट कर दीजिये. ...
Saturday, January 11, 2020

मृत्यु, भय और आसक्ति

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प्रश्न:- मृत्यु क्या है?  मृत्यु के भय से कैसे मुक्त हो सकते हैं? उत्तर:  मृत्यु एक घटना है.  रचना का विरचना होने की घटना.  प्राणपद चक्र...
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