Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Monday, September 30, 2019

वर्तुलात्मक गति और कम्पनात्मक गति

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परिवेशीय गति को वर्तुलात्मक गति कहा है.  जैसे - सौर मंडल में धरती का घूमना हो या परमाणु में परमाणु अंशों का घूमना. इकाई अपने में एक मात्...
Sunday, September 8, 2019

प्रकृति में संयमता का स्वरूप

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प्रकृति में हर अवस्था के अनुसार संयमता है.  संयमता = आचरण.  मानव को कैसे आचरण करना है, संयमता से रहना है - यह मानव चेतना विधि से आएगा, जी...

विश्वासघात का सुधार

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प्रश्न: कुछ लोग जैसे दिखते हैं, वैसे वो हैं नहीं; जैसे वो हैं, वैसे दिखते नहीं हैं - ऐसे लोगों से कैसे बचा जाए? उत्तर: ऐसे लोगों से कैसे ...
Wednesday, August 28, 2019

अध्ययन में मन लगना

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अभी तक मानव की इच्छाओं का शरीर संवेदनाओं और विषय क्रियाकलाप के साथ समर्थन रहा है.  इच्छाओं का जब ज्ञानगोचर के साथ समर्थन होता है तो म...
Sunday, August 18, 2019

छिद्रान्वेषण के स्थान पर सत्यान्वेषण

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मैं किसी से भी मिलता हूँ तो उससे मुझे कुछ न कुछ प्रेरणा तो मिलता ही है.  किसी भी व्यक्ति से मिलना वृथा तो गया ही नहीं.  जिसको मैं डांटता भ...
Friday, August 16, 2019

विकल्प का अर्थ

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प्रश्न:  "विकल्प" से क्या अर्थ है? उत्तर: विकल्प से मतलब है: - विगत से जो कुछ भी हमको दर्शन मिला, सोच-विचार मिला, आचरण मिला, सं...

विकल्प की आवश्यकता

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अस्तित्व सहअस्तित्व स्वरूपी है. सहअस्तित्व सत्ता में संपृक्त प्रकृति है. ऐसे प्रकृति चार अवस्था व चार पदों में है. इसमें विकास-क्रम, विक...
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