Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Thursday, March 14, 2019

साम्य ऊर्जा मनुष्य प्रकृति में ज्ञान स्वरूप में है.

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जो कुछ भी प्रकृति में प्रकटन हुआ है वह नियम से हुआ है.  नियम के मूल में आशय होता है.  वह आशय क्या है?  वह आशय साम्य ऊर्जा (सत्ता) है.  साम्...
Monday, December 24, 2018

अनुभव पूरा होता है, उसका अभिव्यक्ति क्रम से होता है.

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अनुभव पूरा होता है, उसका अभिव्यक्ति क्रम से होता है.  जीव चेतना से मानव चेतना में परिवर्तन के लिए अनुभव एक साथ ही होता है.  वह क्रम स...
Wednesday, December 12, 2018

परिवार की बात विगत के शास्त्रों में नहीं है.

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बोलना कोई जीना नहीं है.  जीने में समाधान ही होगा, समृद्धि ही होगा - और इसके अलावा कुछ भी नहीं होगा.  बोलना एक 'सूचना' है.  'ज...
Tuesday, December 11, 2018

समाधान समृद्धि का मॉडल multiply हो सकता है.

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समझाने वाले का पलड़ा ज्यादा भारी लगता रहे तो समझने वाले को समझ दूर ही लगती रहती है.  अध्यापक यदि दूरी बना के रखे तो उसका multiply होना म...
Sunday, December 9, 2018

प्रमाणित करते हुए समझना ज्यादा प्रभावशाली तरीका है.

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परंपरा में जो नहीं था उसका प्रस्ताव प्रस्तुत करना अनुसंधान है.  प्रस्ताव को समझना शोध है.  समझे बिना हम कुछ भी करते हैं तो वह अधूरा होता ...
Friday, December 7, 2018

लोकव्यापीकरण के लिए जीता जागता मॉडल चाहिए

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मेरी साधना जब फलवती हुआ तो पता चला यह पूरी बात मेरे अकेले की नहीं है, यह मानव जाति की सम्पदा है.  मानव जाति के पुण्य से यह मुझे हाथ लगा है ...

दासत्व से मुक्ति

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दासत्व से मुक्ति स्वावलंबन से आता है.  स्वावलंबन समाधान से आता है.  स्वावलंबन की चर्चा कब से हो रही है - पर क्या स्वावलंबन हो पाया?  अभी कु...
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