Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Monday, January 15, 2018

अभिव्यक्ति, सम्प्रेश्ना, प्रकाशन

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- श्रद्देय नागराज जी के साथ संवाद (जनवरी २००७, अमरकंटक)
1 comment:
Thursday, January 11, 2018

अपेक्षा, आवश्यकता और संभावना

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- श्रद्धेय नागराज जी के साथ संवाद  (जनवरी २००७, अमरकंटक)
Tuesday, January 9, 2018

समझ ही प्रमाणित होती है

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- श्रद्धेय नागराज जी के साथ संवाद पर आधारित (जनवरी २००७, अमरकंटक)
Sunday, January 7, 2018

विज्ञान और ईश्वरवाद का उपकार

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ज्यादा पढ़ा, मतलब ज्यादा सुविधा-संग्रह की प्यास कम पढ़ा, मतलब कम सुविधा-संग्रह की प्यास ज्यादा पढ़ा, मतलब ज्यादा confusion कम पढ़ा, मतल...
Saturday, January 6, 2018

मानव ५१% से अधिक सही ही हैं

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Friday, January 5, 2018

विश्वविद्यालयों का दायित्व

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जितने भी विश्वविद्यालय इस धरती की छाती पर कोदो दर रहे हैं - वे यदि स्वीकार पाते हैं कि उन्ही के चलते यह धरती बीमार हुई है और अब इस धरत...
Thursday, January 4, 2018

मानवीयता पूर्ण आचरण का महत्त्व

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- श्रद्धेय नागराज जी के साथ संवाद (जनवरी २००७, अमरकंटक)
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