Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Monday, August 7, 2017

जाँचने का मतलब

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अध्ययन कराने वाला "प्रवर्तनशील" होता है.  प्रवर्तनशीलता = मनुष्य की प्रवृत्ति को ध्यानाकर्षण करना।  अध्ययन जो करा रहा है उसको सही...
Tuesday, July 4, 2017

जानने का प्रमाण ही मानना है.

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अनुभव की रौशनी और स्मरण - इन दोनों के बीच में वस्तु-बोध होता है.  इसी का नाम अध्ययन है. मानव के करने, सोचने, बोलने और प्रमाणित करने मे...
3 comments:
Sunday, June 25, 2017

साथी-सहयोगी सम्बन्ध में न्याय

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प्रश्न: हम इस दर्शन के अध्ययन-अभ्यास क्रम में समृद्धि को प्रमाणित करने के प्रयास में कृषि कार्य कर रहे हैं.  हमारे सहयोग के लिए कुछ लोग ...
Friday, June 16, 2017

अध्ययन के लिए गति

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प्रश्न: हम अपने अध्ययन को गति देने के लिए क्या करें? उत्तर: अध्ययन में रुचि पैदा हो जाए तो अध्ययन के लिए गति बनेगी।  हमारी निष्ठा हमारी इ...
Wednesday, June 14, 2017

समझ के करो

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हर जगह "करके समझो" के स्थान पर "समझ के करो" - चाहे उत्पादन में, या शिक्षा में, या आचरण में, या संविधान में.  समझ के करन...
Saturday, May 6, 2017

"ज्ञान व्यापार" और "धर्म व्यापार" हम नहीं करेंगे

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समझदारी के इस लोकव्यापीकरण कार्यक्रम में हर व्यक्ति "स्वेच्छा" से भागीदार हो सकता हैं। यह कोई "उपदेश" नहीं है। मैं ...
Wednesday, April 26, 2017

अस्तित्व मूलक मानव केंद्रित चिंतन का आधार

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भय से मुक्ति हर मानव की आवश्यकता है.  हर मानव चाहता है कि भय न रहे.  हर मानव कहीं न कहीं चाहता है कि हम विश्वास पूर्वक जी सकें।  यह बात मान...
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