Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Saturday, May 6, 2017

"ज्ञान व्यापार" और "धर्म व्यापार" हम नहीं करेंगे

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समझदारी के इस लोकव्यापीकरण कार्यक्रम में हर व्यक्ति "स्वेच्छा" से भागीदार हो सकता हैं। यह कोई "उपदेश" नहीं है। मैं ...
Wednesday, April 26, 2017

अस्तित्व मूलक मानव केंद्रित चिंतन का आधार

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भय से मुक्ति हर मानव की आवश्यकता है.  हर मानव चाहता है कि भय न रहे.  हर मानव कहीं न कहीं चाहता है कि हम विश्वास पूर्वक जी सकें।  यह बात मान...
Tuesday, April 25, 2017

ईश्वरवाद की समीक्षा

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जिज्ञासा के लिए सबसे बाधक तत्व यदि कोई है तो वह है "भय".  ईश्वरवाद को हम जब तक ओढ़े रहेंगे तब तक हम भय से मुक्ति नहीं पाएंगे।  ईश्...

जीवन बल और शक्ति

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Sunday, April 23, 2017

ध्यान देना होगा

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प्रश्न:  ज्ञान यदि हमको "प्राप्त" ही है तो वह हमारे अनुभव में कैसे नहीं है, हम इसको प्रमाणित क्यों नहीं कर पा रहे हैं? उत्तर: ...
Tuesday, April 18, 2017

भाषा की शैली

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प्रश्न: आपकी भाषा शैली के बारे में कुछ बताइये.  हम दर्शन को दूसरी भाषाओँ में ले जाते समय किन बातों का ध्यान रखें? भाषा अपने में स्वतन्त्र...
Thursday, April 13, 2017

रोटी, बेटी, राज्य और धर्म

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मानव जाति अनेक समुदायों में अभी बँट गया है.  इन समुदायों का एक दूसरे के साथ कोई तालमेल नहीं है.  सबका अपने ढंग का नाच-गाना, अपने ढंग का पहन...
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