Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Thursday, January 28, 2016

आशा, कामना, इच्छा, संकल्प एवं अनुभूति

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"मानव शुभ आशा से संपन्न है ही, यही अभ्यास पूर्वक क्रम से कामना, इच्छा, संकल्प एवं अनुभूति सुलभ होता है. शुभकामना का उदय मानवीयता में...
Monday, January 4, 2016

मानवीय आहार (भाग-२)

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आहार-पद्दति को लेकर मानव अभी तक अनेक प्रकार के अनाजों को पैदा करने की हैसियत पा चुका है.  विज्ञान आने के बाद उस हैसियत में कमी हुई है....
Friday, January 1, 2016

मानवीय आहार (भाग-१)

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मानव का व्यक्तित्व उसके आहार, विहार और व्यवहार का संयुक्त स्वरूप है.  इसमें से आहार और विहार स्वास्थ्य से सम्बंधित है.  स्वास्थ्य को ...
Tuesday, December 15, 2015

नित्य-अनित्य ज्ञान

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"नित्य-अनित्य ज्ञान के बिना मानव में स्व-धर्म  निष्ठा नहीं पायी जाती है." - श्रद्धेय नागराज जी 
Monday, November 9, 2015

ज्ञान, विवेक, विज्ञान

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जागृत मानव ज्ञान, विवेक और विज्ञान को अपने जीने में प्रमाणित करता है. ज्ञान मानव में वास्तविकता या अस्तित्व की स्वीकृति के स्वरूप में ...
Monday, October 26, 2015

२०वाँ जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मलेन, बुलढाणा

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Sunday, August 2, 2015

Jeevan Vidya - A Session by Sadhan Bhai

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