Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Monday, October 26, 2015

२०वाँ जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मलेन, बुलढाणा

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Sunday, August 2, 2015

Jeevan Vidya - A Session by Sadhan Bhai

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Saturday, July 18, 2015

स्वानुशासन

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समाधान के इस प्रस्ताव में तर्क द्वारा छेद करने की कोई जगह नहीं है.  समस्या की हर बात में छेद रहता ही है.  तर्क का प्रतितर्क देने से समाधान ...
3 comments:
Saturday, April 18, 2015

ऊर्जा और क्रिया

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प्रश्न: ऊर्जा और क्रिया का क्या सम्बन्ध है? उत्तर: सत्ता साम्य ऊर्जा है, जिसमे सम्पृक्त होने से इकाइयां ऊर्जा-संपन्न हैं. ऊर्जा-संपन्न ह...
Friday, April 17, 2015

भाव, पूरकता और पहचान

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प्रश्न:  "अस्तित्व स्वयं सम्पूर्ण भाव होने के कारण प्रत्येक इकाई में भाव-सम्पन्नता देखने को मिलती है.  मूलतः सहअस्तित्व ही परम भाव होन...
2 comments:
Wednesday, April 8, 2015

नौकरी की औचित्यता

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प्रश्न: स्वावलंबन के लिए नौकरी करना क्या उचित है? उत्तर: जागृत मानव परंपरा में नौकरी का स्थान शून्य है.  भ्रमित मानव परंपरा में नौकरी के ...
Monday, April 6, 2015

देश-काल की सीमा

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प्रश्न: आप कहते हैं - "चैतन्य जड़ से बना नहीं है, विकसित हुआ है".   आपने यह भी कहा है - "जड़ परमाणु चैतन्य पद में संक्रमित हो ...
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