Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Tuesday, December 23, 2008

सुविधा-संग्रह या समाधान-समृद्धि

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मध्यस्थ-दर्शन का प्रस्ताव सुनना, सुनने में सहमत होना - यह पहली बात है। समझने की कोशिश करना - यह दूसरी बात है। समझ में आने के क्रम में जीने क...

मानवीयता पूर्ण आचरण

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प्रश्न : मानवीयता पूर्ण आचरण क्यों नहीं कर पाते हैं ? उत्तर: सुविधा-संग्रह और भक्ति-विरक्ति लक्ष्य के साथ मानवीयता पूर्ण आचरण प्रमाण...
3 comments:
Thursday, December 18, 2008

अध्ययन का महत्त्व और अध्ययन की वस्तु - सम्मलेन २००५, मसूरी

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अध्ययन के मुद्दे पर जो मैंने अनुभव किया है - अक्षर , शब्दों , वाक्यों को पढ़ना अध्ययन नहीं है। यह पूरा का पूरा "पठन...
Wednesday, December 17, 2008

पहचान और निर्वाह

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हर वस्तु अनंत कोण संपन्न है । हर वस्तु हर कोण से दीखता है । हर वस्तु किसी न किसी कोण से दूसरे वस्तु से जुडा ही रहता...

संपर्क - सूचना - अध्ययन - अनुभव - प्रमाण

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साक्षात्कार पाँच सूत्र (सह-अस्तित्व, सह-अस्तित्व में विकास-क्रम, सह-अस्तित्व में विकास, सह-अस्तित्व में जागृति-क्रम, और सह-अस्तित्व में जागृ...

आत्म-विश्वास और विश्वास

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आत्म-विश्वास का मतलब है - अनुभव में विश्वास। आत्म-विश्वास का मूल आत्मा में अनुभव ही है। आत्मा जीवन का मध्यांश है। सह-अस्तित्व में अध्ययन ...
Monday, December 15, 2008

अध्ययन की परिभाषा

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अध्ययन = अधिष्ठान के साक्षी में स्मरण पूर्वक किया गया सभी क्रिया-कलाप अधिष्ठान के साक्षी का मतलब है - आत्मा का साक्षी। आत्मा जो जीवन का मध्य...
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