Jeevan Vidya - A Study in Coexistence (जीवन विद्या - सह-अस्तित्व में अध्ययन)

This blog is for Study of Madhyasth Darshan (Jeevan Vidya) propounded by Shree A. Nagraj, Amarkantak. (श्री ए. नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ-दर्शन सह-अस्तित्व-वाद के अध्ययन के लिए)

Sunday, November 30, 2008

विगत की मान्यताओं का विकल्प

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व्यापक में प्रकृति प्रेरणा पाने योग्य स्थिति में है। प्रकृति व्यापक में स्वयं स्फूर्त विधि से प्रेरणा पाता ही रहता है। व्यापक ऊर्जा स्वरूप...
Saturday, November 29, 2008

चेतना विकास

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चेतना-परिवर्तन की परिकल्पना ईश्वर-वादियों ने दिया। भौतिक-वादी ऐसी परिकल्पना भी दे नहीं पाये। भौतिक-वादियों के पास चेतना-परिवर्तन की प्रेरणा ...

सह-अस्तित्व में प्रकटनशीलता स्वाभाविक है.

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सह-अस्तित्व चार अवस्थाओं के रूप में प्रकट होने के लिए तीन प्रकार की क्रियायें हैं - भौतिक क्रिया, रासायनिक क्रिया, और जीवन क्रिया। प्राकृ...
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Friday, November 28, 2008

प्रबोधन

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प्रबोधन का मतलब है - परिपूर्णता के अर्थ में शब्दों को व्यक्त करना। प्रबोधन का प्रयोजन है - सामने व्यक्ति को बोध होना। बोध होने के बाद वही...
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सह-अस्तित्व दर्शन ज्ञान

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साधना समाधि संयम पूर्वक जो मैंने अध्ययन किया - उसमें सर्वप्रथम सह-अस्तित्व को देखा। देखने का मतलब है समझा। इससे "पैदा होता है और मरता ...
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Tuesday, November 25, 2008

स्वभाव गति में ही अध्ययन होता है.

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समझने के क्रम में यथासंभव स्वभाव-गति को बनाए रखें। स्वभाव-गति में ही मंगल-मैत्री होती है। आवेशित-गति में मंगल-मैत्री नहीं होती। बेहोश रहन...
Monday, November 24, 2008

समझदारी की घोषणा का मतलब

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सह-अस्तित्व स्वरूपी अस्तित्व की वास्तविकताओं को आपने सटीक पहचाना है, इसका प्रमाण आपके जीने में ही आएगा। व्यक्ति के प्रमाणित होने का मतलब - उ...
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