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Tuesday, March 22, 2016

मूल्य

"सामाजिक मूल्य अर्थात प्रत्येक सम्बन्ध में स्थापित मूल्य में शिष्ट मूल्य वर्तमान होना पाया जाता है, यही जागृति है.  सामाजिक मूल्य में, से, के लिए ही शिष्ट मूल्य की गरिमा महिमा गण्य है.    अर्थात स्थापित मूल्यों की अनुगमनशीलता में ही शिष्ट मूल्यों की मूल्यवत्ता एवं महत्ता स्पष्ट होती है." - श्री ए नागराज

"Values of Society (or Social Order) means Presence of Behavioral Values (dignified behavior) on the basis of Intrinsic Values in each Human Relationship.  The Greatness and Dignity of Behavioral values are only in, from and for Values of Society.  Therefore, it is only while following Intrinsic Values that one becomes clear about Importance and Significance of Behavioral Values (dignified behavior)."  - Shree A. Nagraj


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