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Monday, March 2, 2015

Truth, Reality, Knowledge and Consciousness


Existence itself is Truth. 

That which manifests itself is a Reality.

Knowledge is human being’s take (presumption or acceptance) on existence. 

Consciousness is human being’s expression of their take (presumption or acceptance) on existence in course of their living.

Truth includes all realities.  It wouldn’t be Truth, if it were to exclude some realities or include something which is unreal (non-existent or fictitious).  Existence is manifest. 

The quest for knowledge could be considered complete or successful, when human being’s imagination (or presumption) achieves perfect alignment with Truth.  Human being lives in the state of illusion prior to this perfect alignment.  Human being lives in the state of awakening upon this perfect alignment.

Prior to achieving this perfection there is some gap between human imagination (presumption or acceptance) and Truth.  Human being achieves Realization in Truth when this gap gets filled.  Human being’s quest for knowledge is to fill this gap and thereby transition from illusion to awakening.
- based on Madhyasth Darshan

सत्य, वस्तु, ज्ञान और चेतना

अस्तित्व ही सत्य है. 

जो अपनी वास्तविकता को व्यक्त करे वह वस्तु है. 

ज्ञान वह है जो मानव के अनुमान या स्वीकृति में ग्रहण हो. 

चेतना मानव द्वारा अपने द्वारा ग्रहण ज्ञान (अनुमान या स्वीकृति) की जीने में अभिव्यक्ति है. 

सत्य में सभी वस्तुएँ शामिल हैं.  यदि कुछ वस्तुओं को छोड़ दें तो वह सत्य नहीं होगा, यदि उनको लें जिनका अस्तित्व ही न हो तो वह भी सत्य नहीं होगा।  अस्तित्व व्यक्त है. 

ज्ञान की तलाश तब पूर्ण या सफल मानी जा सकती है जब मानव की कल्पनाशीलता (या उसमें बनने वाला  अनुमान) सत्य से तदाकार हो जाए.  ऐसे तदाकार होने से पहले मानव भ्रम की स्थिति में रहता है.  ऐसे तदाकार होने पर मानव जागृति की स्थिति में रहता है. 

इस पूर्णता को पाने के पहले मानव की कल्पनाशीलता (या अनुमान) में और सत्य में कुछ फासला रहता है.  जब यह फासला भर जाता है तो मानव अनुभव की स्थिति को प्राप्त करता है.  मानव द्वारा ज्ञान की तलाश इसी फासले को भरने के लिए हैं, जिससे वह भ्रम से जागृति में संक्रमित हो सके. 

- मध्यस्थ  दर्शन पर आधारित 

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