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Monday, March 2, 2015

Human Being and Knowledge

Human Being and Knowledge

Human being is a unit of knowledge order.  Knowledge is that which a human being becomes aware of.  There is no evidence of knowledge other than human being.  Only human being can know or only human being has the potential of knowing.  Stones, plants and animals can’t know, and these have neither need nor potential of knowing.  Human being is the only knower in existence. 

Human beings do whatever they know (or are aware of) and whatever human beings know (are aware of) they can do.  Conversely, whatever human beings don’t know they can’t do, and whatever they can’t do they actually don’t know. 
 
- Based on Madhyasth Darshan

मानव और ज्ञान 

मानव एक ज्ञान-अवस्था की इकाई है.  ज्ञान वह है जिसके बारे में मानव सजग होता है.  मानव को छोड़ के ज्ञान के अस्तित्व का कोई प्रमाण नहीं है.  मानव ही ज्ञान प्राप्त कर सकता है तथा मानव के पास ही ज्ञान प्राप्त करने की क्षमता है.  पदार्थ, पेड़-पौधे, जीव-जानवर जान नहीं सकते, उनके पास जानने की न तो आवश्यकता है न ही क्षमता।  अस्तित्व में मानव ही ज्ञाता है. 

मानव वही करते हैं जो वे जानते हैं (या सजग हैं) तथा जो भी मानव जानते हैं, वे उसको कर सकते हैं.  इसके विपरीत, जो भी मानव नहीं जानते वे उसको कर नहीं सकते, और जो भी वे कर नहीं सकते उसको वे वास्तव में जानते नहीं हैं.

- मध्यस्थ दर्शन पर आधारित  

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